
हरियाणा के Gurugram से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया। 3.5 साल की मासूम बच्ची को उसके ही पड़ोस में रहने वाला व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। बाद में उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी गई।
20 फरवरी को परिजनों ने बच्ची के लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसी रात त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध पड़ोसी को हिरासत में ले लिया। शुरुआती पूछताछ के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मिसिंग रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले, स्थानीय लोगों से पूछताछ की और संदिग्धों की सूची तैयार की। जांच के दौरान शक पड़ोस में रहने वाले युवक पर गया। कड़ी पूछताछ के बाद मामले का खुलासा हुआ।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर चार्जशीट तैयार की जाएगी।
समाज के लिए कड़ा सवाल
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक चेतावनी है। “अपना ही सुरक्षित है” वाली सोच पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बच्चों की सुरक्षा केवल कानून या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और परिवार की भी साझा जिम्मेदारी है। Awareness, vigilance और community watch की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।
Child Safety पर फिर बहस
हर बड़े अपराध के बाद कुछ दिन तक गुस्सा और मोमबत्तियां दिखाई देती हैं, लेकिन क्या हम सच में सिस्टम सुधारते हैं?

बच्चों को “Good Touch – Bad Touch” की शिक्षा दी जानी चाहिए। सोसायटी और कॉलोनियों में वेरिफिकेशन सिस्टम मजबूत होना चाहिए। संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत रिपोर्टिंग जरूरी है।
Gurugram की यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। कानून अपना काम करेगा, लेकिन क्या हम अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे?
सवाल यही है बच्चे कब सुरक्षित होंगे?
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